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सोमवार, 13 जून 2011

समस्याओं के समाधान के लिए 'स्टूडेंट हेल्प लाइन'

मेरठ, 17 मई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के तत्वाधान में अमर उजाला के संपादक सूर्यकान्त द्विवेदी ने सूरजकुण्ड स्थित कार्यालय में छात्रो के करियर समाधान, प्रवेश समस्या आदि को लेकर प्ररंभ की गयी हेल्प लाइन का उदघाटन किया। इस अवसर पर श्री द्विवेदी ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में विद्यार्थी परिषद् द्वारा किये जा रहे कार्य छात्रों और युवाओं के लिए प्रेरणादायी हैं।

उन्होंने हेल्प लाइन को आज की आवश्यकताओं के अनुरूप बताते हुए कहा कि परिषद् की यह पहल छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए उपयोगी साबित होगी। छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए बनी यह हेल्प लाइन एक सराहनीय प्रयास है, इससे दूर-दराज़ के छात्र-छात्राओं को घर बैठे सूचनायें मिल जाने से उनका समय तथा पैसा दोनों बचेगा।

इस हेल्प लाइन के साथ परिषद् ने वेबसाइट, ई-मेल और हेल्प लाइन नंबर भी जारी किया है। यह हेल्पलाइन सुबह 8 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुली रहेगी। इस पर छात्र अपनी समस्या दर्ज करा सकते है और उसका समाधान भी उन्हें तुरंत मिलेगा। छात्र अपनी समस्या हेल्प लाइन नंबर ०१२१२६४४३१८ पर दर्ज करा सकते है। इसके साथ ही जारी की गयी वेबसाइट www.studenthelplineabvpmeerut.in पर प्रवेश परीक्षा से लेकर पाठ्यक्रम तक सभी जानकारी आसानी से मिल सकती है। ई-मेल info.studentthehelplineabvpmeerut.in के जरिये भी आप अपनी समस्याओं से अवगत करा सकते हैं।

27 जुलाई को भ्रष्टाचार के विरूद्ध सडकों पर उतरेंगे दस लाख छात्र

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लडाई को तेज करके हुए सडक पर उतरने की योजना बना रही है। राष्ट्रीय महामंत्री श्री उमेश दत्त ने कहा कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर देश की जनता में आक्रोश है। इसके बावजूद भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी केन्द्र की कांग्रेसनीत यूपीए सरकार इसके खिलाफ लडने का ढोंग कर जनता को दिग्भ्रमित कर रही है। विद्यार्थी परिषद इस भ्रष्टतम सरकार को उखाड फेकने के लिये जन आंदोलन खडा करेगी। जिसके लिये राजधानी में पिछले दिनों यूथ अगेंस्ट करेप्शननाम के फोरम की स्थापना भी की गयी।

वृंदावन के वात्सल्य ग्राम में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक में उन्होंने कहा कि अभाविप देश में शैक्षिक मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय, सामाजिक एवं सुरक्षा से जुडे मुद्दों पर आंदोलन करती रही है, चाहे वह 1976 में गुजरात के मोरबी का छात्र आंदोलन रहा हो या आपातकाल के विरूद्ध जे. पी. आंदोलन विद्यार्थी परिषद ने सदैव अपनी भूमिका निभायी है।

श्री उमेश दत्त ने कहा कि आज आये दिन हो रहे बडे-बडे घोटालों की परतें खुलने के बाद भारत अब भ्रष्टाचार में सुपर पावर बन गया है। जिससे देश की छवि को गहरा धक्का लगा है। दुनियां भर में भारत की पहचान यहां की संस्कृत, सभ्यता और ज्ञान के कारण होती थी, लेकिन इन घोटालों के कारण आज दुनिया के लोग भारत की तरफ हैरानी भरी नजरों से देख रहे हैं।

राष्ट्रीय महामंत्री श्री उमेश दत्त ने कहा कि भ्रष्टाचाचार के खिलाफ जारी इस मुहिम को निर्णायक मोड देते हुए आगामी 27 जुलाई को दस लाख छात्र अभाविप के नेतृत्व में देश भर के विभिन्न जिलों में सडकों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। महाविद्यालय परिसरों में इस अभियान के द्वारा छात्रों के बीच जागरण करते हुए दिनांक 9 अगस्त के ऐतिहासिक दिन से भ्रष्टाचारियों गद्दी छोडोइस नारे के साथ अभाविप अपने आंदोलन को प्रखर बनाते हुये अपनी आंदोलनात्मक गतिविधियां तीव्र करेगी। साथ ही स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त के दिन अभाविप देश भर में जगह-जगह तिरंगा यात्रा करते हुए भारत को भ्रष्टाचार से स्वाधीन कराने का संकल्प लेगी।

डा. विनायक सेन को योजना आयोग के सदस्य के रूप में मनोनय के विषय पर श्री उमेश दत्त ने कहा कि अभाविप सरकार के इस फैसले का कडे शब्दों में विरोध करती है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राष्ट्रद्रोह के आरोपी और निचली अदालत से आजीवन कारावास की सजा हुए अपराधी को आयोग में इस महत्वपूर्ण पद पर बैठाना केन्द्र सरकार की नक्सलवाद के खिलाफ लडाई के खोखले दावों की पोल खोलता है साथ ही यह भी साबित करता है कि सरकार किस तरह नक्सलवाद को खुला संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि डा. सेन को तत्काल उनके पद से हटाया जाये नहीं तो अभाविप पूरे देश में इसके खिलाफ आंदोलन खडा करेगी।es

अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक सम्पन्न

वृंदावन के वात्सल्य ग्राम में 26-29 मई तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक संपन्न हुई। भ्रष्टाचार के विरुद्ध नागरिकों के मन में उपज रहे क्षोभ को संबोधित करते हुए परिषद ने इसके विरुद्ध लोकतांत्रिक पद्धति से सशक्त संघर्ष छेड़ने का आह्वान देश के छात्र-युवाओं से किया।

बैठक का उद्घाटन करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. मिलिन्द मराठे व राष्ट्रीय महामंत्री श्री उमेश दत्त ने कहा कि इस सत्र में अभाविप की सर्वोच्च प्राथमिकता भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं को संगठित कर भ्रष्टाचार करने वालों और इन भ्रष्टाचारियों को प्रश्रय देने वालों के खिलाफ एक जन आंदोलन खड़ा करना है।

अपने संबोधन में प्रो. मिलिन्द मराठे ने कहा कि यह देश की सुरक्षा और प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ विषय है। इसलिये भ्रष्टाचार के खात्मे के लिये पहले इसकी जड़ तक पहुंचना होगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ सत्ता परिवर्तन ही अभाविप का लक्ष्य नहीं है, यह लड़ाई हम व्यवस्था परिवर्तन तक ले जाना चाहते हैं। यह कार्य जनआंदोलन के दबाव के बिना संभव नहीं है। यूथ अगेन्स्ट करप्शन की मुहिम इसी जन आंदोलन का हिस्सा है जिसमें देश के प्रबुद्ध लोगों के साथ आम विद्यार्थी और युवाओं को भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से जोड़ा जायेगा।

भ्रष्टाचार, देश की वर्तमान परिस्थिति, भ्रष्ट केन्द्र सरकार सत्ता छोडो तथा शैक्षिक शुल्क सर्वेक्षण के रिपोर्ट के संबंध में कुल चार प्रस्ताव पारित किये गये।

संगठनात्मक विस्तार पर चर्चा करते हुए राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री सुनील आंबेकर ने वर्तमान शैक्षिक सत्र के संगठनात्मक आंकड़ों को रखते हुए समीक्षात्मक चिंतन की बात कही। बीते शैक्षिक सत्र में 18 लाख 34 हजार सदस्य संख्या को बढ़ा कर अगले शैक्षिक वर्ष में 20 लाख से अधिक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया।

प्रतिनिधियों के अभिनन्दन हेतु आयोजित नागरिक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री कृष्ण चन्द्र शास्त्री बड़े ठाकुरजीने अपने आशीर्वचन में कहा कि भ्रष्टाचार सुरसा की तरह है जिसका मुख बढता ही जा रहा है । उन्होंने विश्वास प्रकट किया कि अभाविप इस भ्रष्टासुर रुपी राक्षस का नाश करेगी। उन्होंने कहा कि कृष्ण ने राजनीति में प्रवेश छात्र जीवन में ही किया था। भगवान श्रीकृष्ण ने इस प्रकार की राजनीति बताई जो सारे विश्व को रास्ता दिखाती है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि श्री कृष्ण सुदर्शन चक्र लेकर अभाविप के सदस्यों के मन में प्रवेश करें और भ्रष्टासुर का मर्दन करें।Post templates

सोमवार, 23 मई 2011

परिवर्तन का इतिहास बनाएगा ‘यूथ अंगेस्ट करप्शन’ – सुनील आम्बेकर

एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आम्बेकर ने कहा है कि भ्रष्टाचार में संलग्न लोगों को कड़ी सजा होना जरूरी है लेकिन देश में प्रशासन, पुलिस तथा न्यायालय जैसी कई व्यवस्थाओं में होने वाली देरी से सामान्य व्यक्ति को भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता है सुनील आम्बेकर एबीवीपी द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्थाओं में कानूनी बदलाव की जरूरत है।

इस सम्मेलन के दौरान ही एबीवीपी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज करते हुए यूथ अगेंस्ट करप्शन नामक एक नए फोरम की घोषणा भी की। ये फोरम भ्रष्टाचार के खिलाफ जनमत खड़ा करने का काम करेगा। सम्मेलन में देश भर से आए प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए सुनील आम्बेकर ने कहा कि सामाजिक कल्याण और विकास की कई योजनाओं के आर्थिक व्यवहार एवं परिणामों की कठोर समीक्षा करते हुए उसमें व्याप्त भ्रष्टाचार को प्राथमिकता से दूर करने की जरूरत है। यूथ अंगेस्ट करप्शन नाम का ये आंदोलन परिवर्तन का इतिहास बनाएगा।

दिन भर के इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में भारतीय नीति प्रतिष्ठान के निदेशक राकेश सिन्हा ने भ्रष्टाचार के सामाजिक-आर्थिक पहलू की विस्तार से चर्चा की। राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आम्बेकर ने आंदोलन की भूमिका पर प्रकाश डाला जबकि सह संगठन मंत्री सुनील बंसल ने सम्मलेन में भ्रष्टाचार की समस्या और उसके समाधान पर देश भर से आए प्रतिनिधियों से चर्चा की। इस मौके पर एबीवीपी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जाने वाले आंदोलन का एजेंडा भी सार्वजनिक किया। 13 सूत्रीय इस एजेंडे में विदेश से काले धन की वापसी, भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कानून की बात को प्रमुखता से रखा है। साथ ही चुनाव सुधार, विकेंद्रीकरण और ई-गवर्नेंस की वकालत भी एबीवीपी के इस एजेंडे में प्रमुखता से रखी गई हैं।

राजस्थान से नाता रखने वाले राष्ट्रवादी कवि विनीत चौहान ने अपनी कविताओं से भ्रष्टाचार के विरुद्ध खड़ा होने के लिए युवा शक्ति का आवाहन किया। कार्यक्रम में भ्रष्ट कुलपतियों की सूची एबीवीपी के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री विष्णु दत्त शर्मा ने जारी की। यूथ अंगेस्ट करप्शन और एबीवीपी द्वारा भविष्य के कार्यक्रमों की योजना एबीवीपी के राष्ट्रीय सहसंगठन मंत्री सुनील बंसल ने रखी। इस मौके पर सह संयोजक डॉ. रश्मि सिंह ने युवाओं से इस मुहिम में भारी से भारी संख्या में जुड़ने का आवाहन किया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ एबीवीपी का शंखनाद

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज करते हुए एक यूथ फोरम की घोषणा की है। नई दिल्ली में संगठन द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में यूथ अगेंस्ट करप्शननाम के इस मंच की घोषणा की गई। ये मंच पूरे देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेड़ने और जनजागरण का काम करेगा।

यूथ अगेंस्ट करप्शन भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने के लिए समाधान की दिशा में कोशिश करेगा और जनादेश तैयार करने के लिए देश भर में अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रम, धरना, प्रदर्शन, सेमिनार और संगोष्ठी आयोजित करेगा। विदेश में स्थित बैंकों से भारतीय धन वापस लाने हेतु नए कानून बनाने की पहल भी ये मंच कर रहा है। आज हुए राष्ट्रीय सम्मेलन में एक ड्राफ्ट बिल भी प्रस्तावित किया गया. इसे देश की सबसे बड़ी पंचायत में पेश करने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।

इस फोरम की राष्ट्रीय टीम और प्रांतीय संयोजकों की घोषणा एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री उमेश दत्त ने आज की. फोरम के राष्ट्रीय संयोजक सुनील बंसल (दिल्ली) तथा सह-संयोजक के रूप में विष्णुदत्त शर्मा (भोपाल), डॉ. रश्मि सिंह (दिल्ली), एन रविकुमार (बेंगलुरु) को बनाया गया है. इस पहल को समाज के विभिन्न प्रबुद्धजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन प्राप्त है। केंद्रीय टीम में अशोक भगत (रांची) और के जे अलफांस (केरल) मार्गदर्शक के रूप में रहेंगे तथा अन्य सदस्यों में आनंद कुमार (पटना), आर. सुब्रमनियम (बेंगलुरु), गोपाल अग्रवाल (दिल्ली), विनीत चौहान (राजस्थान) शामिल है

एबीवीपी 15 से 30 मई के बीच प्रांत और जिला केंद्रों पर भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन और अन्य प्रकार की गतिविधियां आयोजित करेगी. इस अभियान से विचारकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों को जोड़ने की भी तैयारी है. गुरूवार को आयोजित सम्मेलन में अशोक भगत, आर बालसुब्रमनियम, के जे अल्फांस, विनीत चौहान ने सहभागिता की. अशोक भगत ने आपातकाल आंदोलन में हिस्सा लिया और आजकल झारखंड के जनजातीय क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। आर बालसुब्रमनियम कर्नाटक में आरटीआई कार्यकर्ता हैं जो विवेकानंद यूथ मूवमेंट नाम के संगठन के माध्यम से समाज के पिछड़े वर्ग के लिए काम कर रहे हैं। के जे अल्फांस 1992-2000 तक डीडीए के कमिश्नर रह रहे जिसके तहत उह्नोंने 15000 से अधिक अवैध इमारतें गिराईं। 2006 में आईएएस सेवा छोड़ी और सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हुए।

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एबीवीपी ने जारी की भ्रष्ट कुलपतियों की लिस्ट

किसी भी देश के विकास का प्रमुख आधार शिक्षा है। शिक्षा के बिना देश का विकास संभव नहीं है। लेकिन धीरे-धीरे शिक्षा का व्यावसायीकरण होता गया जिसके कारण यह भ्रष्टाचार के दलदल में भी धंसता चला गया।

आज भारत में अधिकतम विश्वविद्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन गए हैं और भ्रष्टाचार का यह खेल स्वयं कुलपति के ही नाक के नीचे खेला जा रहा है। विश्वविद्यालय के संचालन से लेकर शिक्षा की गुणवत्ता का कार्यभार कुलपति पर होता है। ऐसे में इस पद पर किसी उच्च शिक्षित, मूल्यों पर चलने वाले एवं ईमानदार व्यक्ति के सुशोभित होने की अपेक्षा की जाती है। लेकिन सबसे शर्मनांक बात तो यह है कि कुछ विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति भी अवैध रूप से हुई है और उनकी डिग्रियां भी फर्जी पाई गई है। कुलपति बनने के लिए उच्च शिक्षा का कोई मोल नहीं रह गया है। योग्यता, मर्यादा को ताक पर रखकर कुलपति चयन का अधार केवल पैसा, जाति, क्षेत्र एवं चापलूसी रह गया है। इन कुलपतियों की नियुक्ति कहीं राजनीतिक दबाव के कारण हुई तो कहीं पैसों के लेनदेन के आधार पर। यही कुलपति आगे अयोग्य अध्यापकों की नियुक्ति कर देश का भविष्य खतरे में डाल रहे हैं। उक्त बातें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री विष्णु दत्त शर्मा नई दिल्ली में ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में आज देश के 25 भ्रष्ट कुलपतियों की सूची जारी करते हुए कहा है।

इस सूची में मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के वीसी कमलाकर सिंह का नाम सबसे ऊपर है जिनके ऊपर भारतीय दंड संहिता के तहत तमाम मुकदमे दर्ज किए गए हैं. एबीवीपी का कहना है कि स्वयं कुलपति की नियुक्ति में गड़बड़ी की गई थी. उनकी नियुक्ति के समय ही विरोध किया गया था लेकिन कमलाकर सिंह को कुलपति बनाया गया. बाद में एबीवीपी के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री विष्णुदत्त शर्मा की याचिका पर उच्च न्यायालय ने उनकी नियुक्ति को खारिज कर दिया. उनकी एलएलबी की डिग्री भी फर्जी पाई गई है. मगध विश्वविद्यालय के कुलपति अरविंद कुमार का मामला भी ध्यान देने योग्य है. पटना उच्च न्यायालय ने उनकी नियुक्ति को अवैध घोषित कर रखा है हालांकि अरविंद कुमार अभी फरार हैं.

मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति कमलाकर सिंह पर पी.एच.डी. की नकल का आरोप है जिसके कारण इन पर धारा 420 के तहत केस दर्ज किया गया है । इन्होंने एल.एल.बी. की डिग्री फर्जी तरीके से नौकरी में रहते हुए भी रैगुलर कोर्स से प्राप्त की । सिंह पर विश्वविद्यालय में आर्थिक भ्रष्टाचार करने का भी आरोप है। मध्यप्रदेश के भोज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस. के. सिंह पेपर लीकेज में दोषी पाए गए है । उन्होंने प्रिंटिंग में 35 लाख रूपये व पाठ्यसामग्री लिखवाने एवं विश्वविद्यालय के लिए जरूरी सामानों की खरीद में लाखों का घोटाला किया है । उन पर फर्जी नियुक्तियों का भी आरोप है एवं उन्होंने विधानसभा में भी गलत जानकारी प्रस्तुत की ।

कर्नाटक के विश्वेसरैया तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति डा. महेशप्पा ने अपनी नियुक्ति के समय स्नातकोत्तर डिग्री के फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किये और रक्षा अनुसंधान एवं विकास परिषद (डीआरडीओ) के सामने गलत सूचना दी। कर्नाटक के महिला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा. सैयद अखतर ने 92 प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की नियुक्तियों में भ्रष्टाचार किया और विश्वविद्यालय के कोष का स्वयं के लाभ के लिए दुरूपयोग किया। कर्नाटक के मैसूर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा. शशिधर प्रसाद ने 162 प्राध्यापकों एवं 151 कर्मचारियों की नियुक्ति में यूजीसी एवं वि.वि. नियमों का खुला उल्लंघन किया । नियुक्ति प्रक्रिया में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना तथा अनु. जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग की आरक्षण नीति की अवहेलना की। इन्होंने डा. रंगविथालाचार कमेटी के द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी कोई कार्रवाई नहीं की ।

बैंगलोर के आर.जी.यू.एच.एस. विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा. पी.एस. प्रभाकरन की मेडिकल के पी.जी. के लिए कॉमन एंटरेंस टेस्ट में गैरकानूनी रूप से संलिप्तता पाई गई है। सीबीआई ने प्रभाकरन पर आईपीसी की धारा 420 के तहत केस दर्ज किया है। आन्ध्र प्रदेश स्थित पालमूर विश्वविद्यालय के कुलपति श्री गोपाल रेड्डी पर आर्थिक भ्रष्टाचार, अपने चहेतों को अनाधिकृत लाभ देना, विश्वविद्यालय के एकाउन्ट में किसी भी तरह की पारदर्शिता का न होना और 12 करोड़ रूपये के घोटाले का आरोप है। आन्ध्र प्रदेश के श्रीकृष्ण देव राय विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमति कुसुम कुमारी पर नियुक्ति में भ्रष्टाचार, अयोग्य व्यक्तियों की नियुक्ति, आरक्षण नीति का पालन न करने का आरोप है । कुसुम पर राज्य सरकार की जांच कमेटी में आरोप सिद्ध हुए हैं ।

गुजरात में सूरत स्थित वीर नरमद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के कुलपति डा. बी.ए. प्रजापति ने प्रश्न पत्र लीक करने वाले कॉलेजों का सहयोग किया, टेण्डर देने में भारी भ्रष्टाचार किया व अयोग्य व्यक्तियों की नियुक्ति की । इस विश्वविद्यालय की कुल 370 फर्जी मार्कशीट पकड़ी गई है। अहमदाबाद स्थित गुजरात विश्वविद्यालय के कुलपति डा. परिमल त्रिवेदी ने महाविद्यालयों पर दबाव बनाया कि वह अयोग्य छात्रों से पैसा लेकर उन्हें प्रवेश दे । उन्होंने अपनी पत्नी को उनकी परीक्षा में अनुचित लाभ दिलाया और उत्तर पुस्तिका प्रिन्टिंग में भ्रष्टाचार किया ।

छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एम.पी. पाण्डेय पर भारी वित्तीय अनियमितताओं और नियुक्तियों में धांधली करने का आरोप है। असम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. तपोधीर भट्टाचार्जी पर पैसे लेकर अयोग्य व्यक्तियों की नियुक्ति करने, विश्वविद्यालय की नेटवर्किंग में दो करोड़ रूपये का घोटाला करने, फंड का गलत प्रयोग और विश्वविद्यालय में परिवारवाद को बढ़ावा देने के आरोप है। असम के डिब्रुगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति कन्दर्प कुमार डेका की नियुक्ति ही अवैधानिक है। डेका ने परीक्षा परिणाम में भारी धांधली की है।

बिहार स्थित मगध विश्वविद्यालय के कुलपति डा. अरविन्द कुमार पर भ्रष्टाचार व अवैध नियुक्ति का आरोप है। 4 मई 2011 को पटना उच्च न्यायालय ने नियुक्ति को ही अवैध घोषित किया। बिहार स्थित तिलकामांझी विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति डा. प्रेमा झा पर अवैध नियुक्ति, निर्माण कार्य में अनियमितता, उप कुलसचिव की अवैध नियुक्ति का आरोप है । उन पर धारा 420, 409, 465, 467, 468, 166, 177, 553, 120बी, 324 के तहत मामला दर्ज किया गया है । बिहार के छपरा जिले में स्थित जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति डा. दिनेश प्रसाद सिन्हा पर शराब पीकर लोक गीत गायिका देवी के साथ छेड़छाड़ का आरोप है । दिनेश पर धारा 341, 342, 323, 354, 509 के तहत केस दर्ज है। जयप्रकाश विश्वविद्यालय के ही पूर्व कुलपति डा. आर. पी. शर्मा पर छल से धन गबन करने के आरोप में धारा 409420 के तहत मामला दर्ज किया गया है। झारखण्ड के कोल्हान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा. फादर बैनी एक्का पर 21.5 लाख का अग्रिम राशि गबन का अरोप है।

उत्तर प्रदेश स्थित लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति डा. मनोज मिश्रा पर बीएड प्रवेश परीक्षा में 11 करोड़ के घोटोले, नियुक्तियों में धांधली, मूल्यांकन में भारी अनियमितताओं व महाविद्यालयों को फर्जी मान्यता देने का आरोप है। उत्तर प्रदेश के वी.वी.डी. विश्वविद्यालय के कुलपति डा. ए.के. मित्तल पर उत्तर पुस्तिका प्रिंटिंग में 5 करोड़ व सत्र 2008-09 में नामांकन एवं परीक्षा शुल्क में 1.25 करोड़ के घोटालों का आरोप है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. अब्दुल अजीज पर वित्तीय अनियमितताओं के चलते सीबीआई की जांच चल रही है । अजीज ने पूर्व छात्र परिषद के नाम पर अरब देशों से करोड़ों रूपयों की उगाही की है । गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरूण कुमार पर बीएड में धांधली का आरोप सिद्ध हुआ जिसके बाद उन्हें राज्यपाल ने बर्खास्त कर दिया। उत्तर प्रदेश स्थित पूर्वाचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एन.सी. गौतम पर भी बीएड में धांधली और नियुक्तियों में अनियमितताओं का आरोप है।

उत्तराखण्ड स्थित कुमायुं विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. सी.पी. बरतवाल पर कई छात्रों को फर्जी पी.एच.डी. करवाने, अपने रिसर्च पेपर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार करने और आर्थिक आरोप है।

राजस्थान के जयनारायण विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा. नवीव महतो पर नियुक्तियों में भ्रष्टाचार करने, विश्वविद्यालय के गोपनीय विभाग की गोपनीयता को स्वयं भंग करने और निजी एजेन्सी द्वारा परीक्षा परिणाम बनाने में भारी गड़बड़ी करने का आरोप है ।

उच्चशिक्षा में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए ये एबीवीपी की अनूठी पहल हैसूची में दिए गए 25 कुलपतियों द्वारा की गई अनियमितताओं संबंधी सारी जानकारी एबीवीपी के पास मौजूद है। श्री शर्मा ने कहा किइस प्रकार के अयोग्य एवं भ्रष्ट कुलपतियों के कारण विश्वविद्यालयों का वातावरण खराब हो रहा है। प्रवेश परीक्षाओं एवं परिणामों में भारी अनियमितताएं हो रही है जिससे होनहार छात्रों का भी मनोबल घटता है। शिक्षा संस्थानों में अध्यापकों का चयन योग्यता को ताक पर रखकर पैसों व परिवारवाद के आधार पर होगा, तो देश के भविष्य का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। अतः शिक्षा संस्थानों में नियुक्ति व परिणामों में पारदर्शिता बढ़ाने की जरूरत है जिससे शिक्षा की फर्जी दुकानों से निजात मिल सके।Post templates

शनिवार, 26 मार्च 2011

मध्य प्रदेश के कालेजों में छात्राएं असुरक्षित : अभाविप

मध्य प्रदेश के कालेजों में छात्राएं असुरक्षित : अभाविप

भोपाल। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने कहा है कि मध्य प्रदेश के शिक्षा परिसरों में छात्राएं असुरक्षित हैं और उनके शोषण की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। संगठन ने इन मामलों की जांच के लिए एक आयोग बनाने और विश्वविद्यालयों में महिला प्रकोष्ठ गठित करने की मांग सरकार से की है।

अभाविप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री विष्णुदत्त शर्मा के मुताबिक इस संबंध में राज्य सरकार से 280 शिकायतें की गई, मगर कोई कार्रवाई नहीं होने से छात्राओं का शोषण करने वालों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। शर्मा ने कहा कि छात्रावासों में रहने वाली छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं। शर्मा ने जबलपुर के सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज में किस्मत के बदले अस्मत, ग्वालियर के फिजिकल डिपार्टमेंट की छात्रा का विभागाध्यक्ष द्वारा शोषण और खंडवा के कृषि महाविद्यालय की घटना का उदाहरण देते हुए मौजूदा हालातों पर चिंता जताई। अभाविप नेता ने कहा कि भले ही प्रदेश में भाजपा की सरकार हो पर विश्वविद्यालयों और कालेज परिसरों के जो हालात हैं, उनको सामने लाने में उन्हें कोई गुरेज नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्राओं के शोषण के मामलों का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि ज्यादातर प्रकरणों में गुरुओं की भूमिका सवालों के घेरे में है। उन्होंने पिछले दिनों खंडवा के कृषि महाविद्यालय में छात्रा के कथित उत्पीड़न के मामले में एक प्राध्यापक के मुंह पर कालिख पोतने से सदमे में आए उनके साथी प्राध्यापक सुरेंद्र सिंह ठाकुर की मौत के मामले में भी सफाई दी और कहा कि वह इस घटना का समर्थन नहीं करते। शर्मा के अनुसार जबलपुर चिकित्सा महाविद्यालय में परीक्षा में अंक दिए जाने के नाम पर छात्राओं के साथ जो हुआ वह किसी से छिपा नहीं है। भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में एक छात्रा को गोली मार दी गई थी, जिसमें कई नेताओं के नाम भी सामने आए थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभाविप छात्र हितों की लड़ाई लड़ने वाला संगठन है और वह उससे डिगेगा नहीं। उन्होंने बताया कि एबीवीपी ने अपने रुख से राज्य सरकार को अवगत करा दिया है। अवनीश। 22 मार्च, 2011

सोमवार, 14 मार्च 2011

अभाविप ने की तृणमूल कांग्रेस की आलोचना

अभाविप ने की तृणमूल कांग्रेस की आलोचना
कोलकाता। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने अपने कार्यकर्ता नीरज कुमार के घायल चित्रों के तृणमूल कांग्रेस द्वारा प्रयोग पर कड़ी आलोचना की है। श्री कुमार अभाविप की कोलकाता कार्यसमिति के सदस्य हैं। वह पिछले दिनों जादवपुर विश्वविद्यालय में अलगाववादी नेताओं के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान एक अन्य छात्र संगठन के हिंसक हमले में घायल हो गए थे।

अभाविप की राष्ट्रीय मंत्री पारूल मंडल ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने अपने राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए ही इन चित्रों का उपयोग किया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए न तो श्री नीरज से और न ही अभाविप के किसी पदाधिकारी से अनुमति ली गई। तृणमूल कांग्रेस का यह कदम सर्वथा अनुचित है। दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा के आगामी चुनावों के मद्देनजर तृणमूल कांग्रेस ने सत्तारूढ़ सीपीएम कार्यकर्ताओं के हिंसक गतिविधियों में घायल हुए लोगों के चित्रों से युक्त पोस्टर व बैनर राज्य भर में लगवाएं हैं। इनमें से एक चित्र नीरज की भी है। पारूल मंडल ने कहा कि नीरज किसी राजनीतिक पार्टी के बीच हुई हिंसा का शिकार नहीं बल्कि जादवपुर विश्वविद्यालय में अलगाववादी नेताओं के विरोध में एक अन्य छात्र संगठन के हिंसक हमले में घायल हुए थे।

कोलकाता ब्यूरो। 09 मार्च 2011

राधिका हत्याकांड के विरोध में एबीवीपी का प्रदर्शन जारी

राधिका हत्याकांड के विरोध में एबीवीपी का प्रदर्शन जारी

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा राधिका तंवर की हत्या से गुस्साए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और डूसू द्वारा आयोजित बंद का असर नॉर्थ व साउथ कैंपस में खासा दिख रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस में एबीवीपी के नेतृत्व में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। एबीवीपी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि राधिका तंवर के हत्यारे को जल्द से जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह आंदोलन और तेज कर देगी। एबीवीपी ने छात्रों से अपील करते हुए कहा है कि राधिका को इंसाफ दिलवाने के लिए शुरू की गई इस मुहिम के साथ जुड़ें और इस बंद का समर्थन करें। एबीवीपी के प्रदेश मंत्री रोहित चहल ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी अब अपराध की राजधानी बनकर रह गई है। लगातार हो रही हिंसक वारदातों ने दिल्ली सहित पूरे एनसीआर को हिलाकर रख दिया है और प्रशासन है कि अपनी नींद से जगने का नाम ही नहीं ले रहा है। वारदात को 4 दिन बीत गए हैं, लेकिन हत्यारा अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

ज्ञातव्य़ है कि एबीवीपी और डूसू ने 11 और 12 मार्च को विश्वविद्यालय को बंद करने का ऐलान किया है। इसी सन्दर्भ में गुरुवार को विद्यार्थी परिषद ने दिल्ली में कई जगह प्रदर्शन किया और प्रशासन व सरकार का पुतला भी फूंका।

राधिका हत्याकांड मामले में अभी तक केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है, जिसका नाम विक्टर है। लेकिन पुलिस को इससे कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस इस मामले में रामलाल कॉलेज के एक छात्र को भी संदिग्ध मान रही है। विदित हो कि यह वही छात्र है जिसने तीन महीने पहले छात्रसंघ चुनाव के दौरान राधिका के साथ छेड़खानी की थी, जिससे गुस्साई राधिका ने उसको सरेआम थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद उसने राधिका को देख लेने की धमकी दी थी। विदित हो कि नारायणा की रहने वाली राधिका तंवर (20) डीयू के साउथ कैंपस स्थित रामलाल आनंद कॉलेज में बीए प्रोग्रामिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। मंगलवार को सत्य निकेतन बस स्टाप पर उतरने के बाद वह फुट ओवरब्रिज से होते हुए कॉलेज की तरफ जा रही थी। तभी सुबह करीब 10.25 बजे एक युवक ने पीछे से उसकी पीठ में गोली मार दी थी। इससे राधिका की मौके पर ही मौत हो गई थी। अवनीश। 11 मार्च 2011

शनिवार, 5 मार्च 2011

इस्तीफा दें प्रधानमंत्री : अभाविप

नई दिल्ली।4 march 2011/ ‘भ्रष्ट सरकार और घोटालों के लिए जिम्मेदार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस्तीफा दे देना चाहिए। अपनी विश्वसनीयता खो चुकी केंद्र सरकार पर लग रहे आरोप एक-एक कर सही साबित हो रहे हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री की झूठी सफाई, यूपीए अध्यक्ष की चुप्पी देश की जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारियों से भागने की मंशा दर्शा रही हैं। अब लीपा-पोती की मानसिकता के आधार पर जेपीसी गठन को मंजूरी, छापेमारी और दिखावटी गिरफ्तारियों की औपचारिकता को निभाने का काम कर रही है सरकार।”

उक्त बातें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उमेश दत्त ने सरकार के खिलाफ भ्रष्टचार के मुद्दे पर प्रदर्शन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि यह मानना कि मंत्रिमंडल के लोग भ्रष्ट हैं और उनका आका यानि प्रधानमंत्री ईमानदार है पूर्णतः बेमानी होगा। उन्होंने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम, आदर्श सोसायटी, राष्ट्रमंडल खेल तथा नये प्रकाश में आये एस-बैंड घोटालों पर लगातार ही तथ्य सामने आ रहे हैं, पर भी प्रधानमंत्री का नकारनामा उनकी सच्चाई को छुपाने की मंशा को प्रदर्शित करता है।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का उल्लेख करते हुए उमेश दत्त ने कहा कि न्यायालय ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त पद पर पी.जे. थॉमस की नियुक्ति को अवैध करार दिया है। ऐसे में न्यायालय का निर्णय निश्चित ही भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी केंद्र सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में डूबी यूपीए सरकार के खिलाफ अभाविप लगातार अपना विरोध जता रही है और इसी क्रम में आज संसद पर विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं द्वारा उग्र प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि अब अभाविप कार्यकर्ताओं के साथ देशभर के युवा सरकार की भ्रष्ट नीतियों के खिलाफ लामबंद हो रहे है।

अभाविप के इस राष्ट्रीय प्रदर्शन के दौरान एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा जिसमें काले धन के मामले में सोनिया व राहुल गांधी के नाम पर विदेशी बैंको में खाते ना होने की प्रामाणिकता साबित करने के साथ ही विदेशी बैंकों में खाता रखने वाले लोगों के नाम सार्वजनिक किये जाने की मांग की गयी। ज्ञापन में अन्य घोटालों के बारे में स्थिति स्पष्ट करने की भी सरकार से मांग की गयी है।

प्रदर्शन का नेतृत्व अभाविप राष्ट्रीय महामंत्री उमेश दत्त, राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर, क्षेत्रीय संगठन मंत्री विष्णुदत्त शर्मा, अभाविप राष्ट्रीय मंत्री अनिल यादव, डूसू अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, उपाध्यक्ष नीतू डवास, महासचिव प्रिया डवास, राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष मनीष यादव तथा दिल्ली प्रदेश मंत्री रोहित चहल आदि सम्मिलित थे।

शुक्रवार, 4 मार्च 2011

युवा शक्ति से होगा राष्ट्रीय समस्याओं का निराकरण

इलाहाबाद। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने देश के युवाओं से भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करने की अपील की है। शनिवार को माघ मेला स्थित महामना मदनमोहन मालवीय नगर में आयोजित अभाविप के 50 वें अधिवेशन के उद्घाटन के अवसर पर महामंत्री उमेश दत्त ने कहा कि परिषद भ्रष्टाचार के मुद्दे को जनमानस तक ले जायेगी और सरकार को निर्णायक कार्रवाई करने पर बाध्य करेगी। राष्ट्रमंडल खेल, टू-जी स्पेक्ट्रम और आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटालों में केन्द्र सरकार की भूमिका पर सवाल खड़ा करते हुए उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री अपने को असहाय बता रहे हैं। इससे वे अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।

दत्त ने कहा कि देश के सामने आतंकवाद, विदेशी घुसपैठ, बेरोजगारी, महंगाई, नक्सलवाद, शिक्षा का व्यापारीकरण सहित कई समस्याएं विकराल रुप धारण कर रही हैं। इन सारी समस्याओं से निजात दिलाने के लिए युवा शक्ति को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकारी सत्ता से देश की समस्याओं का निराकरण संभव नहीं है इसके लिए समाज बदलने की आवश्यकता है और वह समाज ऐसा हो जिसके हृदय में देश मेरा है और इस देश की समस्याओं का निजात दिलाना मेरा कर्तव्य है, इसका भाव कूट-कूट कर भरा हो। अभाविप की 61 वर्षों की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि परिषद ने अपने स्थापना काल से ही शिक्षा के भारतीयकरण के विषय को जोरदार तरीके से उठाया है। परिषद छात्रों की समस्याओं के लिए ही नहीं संघर्ष करती बल्कि राष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी आवाज बुलंद करती है। उन्होंने कहा कि अभाविप ने ‘छात्र आज का नहीं, कल का नागरिक’ है की धारणा को तोड़ते हुए यह साबित कर दिया है कि ‘छात्र कल का नहीं, अपितु आज का नागरिक’ है क्योंकि समाज की सभी प्रकार की समस्याओं से छात्र भी प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि देश को दिशा व दशा देने में पूर्वांचल का बहुत बड़ा योगदान रहा है। देश की वर्तमान समस्याओं से मुक्ति दिलाने के लिए एक बार फिर बड़े आन्दोलन की आवश्यकता है जिसकी शुरुआत पूर्वांचल की धरती से ही होगा।

समारोह में परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. रजनीश शुक्ल ने कहा कि युवा वही है जिसके अन्दर देश के प्रति अटूट श्रद्धा, निष्ठा, समर्पण व विवेक का ज्ञान हो जिसके बल पर वह जैसा चाहे वैसा परिवर्तन ला सकता है। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रान्त के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. विवेक निगम ने कहा कि अभाविप भारत का ही नहीं वरन् विश्व का सबसे अनोखा आदर्श छात्र संगठन है। इसके अनूठेपन का सबसे बड़ा उदाहरण यही है कि प्रवाहमान छात्रों का संगठन होते हुए भी 61 वर्षों से लगातार स्थाई रूप से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद का उद्देश्य है कि देश में एक ऐसा आन्दोलन चलाया जाये जो समाज के अंदर एक नयी उर्जा का संचार कर सके। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेन्द्र तिवारी व आभार ज्ञापन स्वागत मंत्री हेमन्त कुमार ने किया। इसके पूर्व उद्घाटन सत्र के स्वागताध्यक्ष विकाश चन्द्र त्रिपाठी ने अधिवेशन में आये परिषद के पदाधिकारियों व प्रतिनिधियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का उद्घाटन मां सरस्वती और स्वामी विवेकानन्द के प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से मनोजकान्त, संतोष दत्त, डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, अम्बरीश, भूपेन्द्र कुमार, सुधीर केशरवानी, श्याम नारायण, श्याम प्रकाश, आशुतोष, क्षिप्रा, देवेन्द्र, अनूप सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

'राष्ट्रीय समस्याओं के हल के लिए एकजुट हों युवा'

इलाहाबाद। माघ मेला स्थित परेड ग्राउण्ड में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के 50वें अधिवेशन के तीसरे दिन दो प्रस्ताव पारित किये गए। प्रस्ताव सत्र में ‘प्रदेश की वर्तमान स्थिति’ तथा ‘बाजारीकरण एवं भ्रष्टाचार के चंगुल में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था' विषय पर चर्चा के उपरांत सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए गए।
प्रस्ताव सत्र में वक्ताओं ने महंगी हुयी शिक्षा व्यवस्था पर प्रदेश सरकार की नीतियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सूबे की सरकार शिक्षा के सर्वांगीण विकास के लक्ष्य की पूर्ति की दिशा में आज पूरी तरह से असफल है। राज्य में व्यापारिक हित से संचालित शिक्षण संस्थानों की बाढ़ सी आ गई है जिनका एक मात्र मकसद छात्रों से फीस के नाम पर धनउगाही कर अपना लाभार्जन करना है। प्रस्ताव में कहा गया है कि बाजारीकरण के कारण लोकमंगल तथा लोककल्याण की भावना से शिक्षा संस्थानों के संचालन की प्राचीन परम्परा आज पूरी तरह से विलुप्त होती दिख रही है। अभाविप शिक्षा में बढ़ते बाजारवाद का तीव्र विरोध करते हुए समावेशी शैक्षिक तंत्र की स्थापना की पुरजोर मांग करता है। अभाविप ने पारित प्रस्ताव में रोजगार के लिए ठोस नीति बनाए जाने पर जोर दिया है तथा प्रथामिक स्तर पर अंग्रेजी की शिक्षा का विरोध करते हुए मांग किया है कि परिषद् का स्पष्ट एवं सुविचारित मत है कि प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में ही होनी चाहिए। परिषद् ने बोर्ड परीक्षा में केन्द्र निर्धारण में मानकों की अवहेलना को निष्पक्ष एजेन्सी से जांच करने तथा दोषियों को दण्डित कराने की भी मांग की है। वहीँ दूसरे प्रस्ताव में परिषद् ने कहा है कि देश की सबसे बड़ी जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करने वाला यह प्रदेश आज महंगाई, गरीबी, भ्रष्टाचार, अशिक्षा, राजनेताओं द्वारा अत्याचार व दुराचार, राजनीति का अपराधीकरण, कानून व्यवस्था ध्वस्त, अपराधियों द्वारा नग्न ताण्डव, आतंकी विस्फोट, नक्सलवाद सहित अन्य समस्याओं के कारण आज जनता त्रस्त है जिसका परिषद् तीव्रक्षोभ व्यक्त करता है। अभाविप वक्ताओं ने युवा वर्ग से आह्वान किया है कि कुभ्भकर्णी नींद में सोयी हुई इस सरकार को जगाने तथा उपरोक्त समस्याओ के स्थायी व शीघ्र निवारण हेतु एक व्यापक जन संघर्ष के लिए तैयार हों।

मंगलवार, 1 मार्च 2011

भारत को मजबूत करने के लिए आगे आएं युवा : आंबेकर

बेंगलुरू। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राष्ट्र के विकास के लिए युवाशक्ति को आगे आने का आह्वान किया है। सोमवार को परिषद के 56वें राष्ट्रीय अधिवेशन के भाषण सत्र के दौरान राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री सुनील आंबेकर ने कहा, “राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिये मन में एक प्रबल इच्छा शक्ति की जरूरत है और इस कार्य को सिर्फ युवा शक्ति ही कर सकती है।"
बेंगलूरू में आयोजित अधिवेशन के तीसरे दिन श्री आंबेकर ने कहा कि आज हम एक आजाद देश के नागरिक है। दुनियां भर के लोग इस बात को मानने लगे हैं कि भारत एक दिन विश्व शक्ति बनकर उभरेगा। ऐसे में भविष्य का भारत किस प्रकार का हो, इस विषय पर विचार करना आवश्यक है।
‘भविष्य के भारत की परिकल्पना’ विषयक भाषण सत्र में उन्होंने कहा कि आज हमारे पास एक आदर्श जीवन प्रणाली है, जिसमें थोडी बहुत कमियां हैं जिसे भौतिकवाद से दूर नहीं किया जा सकता है। इसे दूर करने के लिये युवाओं को जागृत करने की आवश्यकता है, इसलिये युवाओं के सबसे बडे संगठन होने के नाते विद्यार्थी परिषद की प्रासंगिकता सर्वकालिक है।
उन्होंने कहा कि हमें भारत को सुपर पावर बनाना है लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि हमारी सोच कैसी है और हमें अपनी शक्ति का उपयोग किस प्रकार करना है। हमें ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:’ की भावना को लेकर ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की परिकल्पना को साकार करना है। भारत में युवाओं की संख्या विश्व के अन्य देशों की अपेक्षा सर्वाधिक है और युवा ही परिवर्तन की परिभाषा लिखते हैं। इसलिये इस देश के युवाओं को भारत के गौरवशाली इतिहास और संस्कृत की जानकारी होना आवश्यक है।
श्री आंबेकर ने कहा कि देश की संस्कृति व सभ्यता के बिना अगर हम विकास की बात करते हैं तो यह असंभव है। राष्ट्र की मजबूती के लिये सर्वांगीण विकास की सोच को साकार रुप देने से ही भारत की समृद्धि संभव है। इसके लिये कुछ लोगों को अपना भविष्य और अपना कैरियर दांव पर लगाना होगा।
उन्होंने कहा कि भविष्य के भारत के परिकल्पना के लिये तीन बातों पर ध्यान देना आवश्यक है। पहला, भारत की पहचान क्या है? दूसरा, भारतीय संस्कृति का आधुनिक जीवन में योगदान क्या है? साथ ही इस विषय पर भी विचार करने की जरूरत है कि देश का राष्ट्रीय, सामाजिक सौहार्द कैसा हो? इसके आधार पर भविष्य का भारत के माडल की रूपरेखा तैयार की जानी चाहिए। जिस तरह विश्व में तकनीकी और विज्ञान का विकास होगा, उस आधार पर इसके सकारात्मक और नकारात्मक परिणाम आना स्वाभाविक है। इस पर अंकुश लगाने का कार्य हम युवाओं का है। इसलिये अभाविप कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और भी बढ जाती है कि इस देश को अपनी संस्कृति के अनुरूप कैसे बनायें। श्री आंबेकर ने कहा कि हमारे लिये कोई लक्ष्य है तो वह है राष्टीय पुर्ननिर्माण। यह कार्य इस देश के युवा संगठन अभाविप द्वारा ही संभव है।Post templates

सोमवार, 28 फ़रवरी 2011

यूपीए सरकार के कारनामों से देश स्तब्ध : आम्बेकर

नई दिल्ली। टू-जी स्पेक्ट्रम, राष्ट्रमंडल खेल, आदर्श हाउसिंग सहित हाल ही में प्रकाश में आए एस बैंड घोटाले से घिरे कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के नये-नये कारनामों से देश स्तब्ध है। इन कारनामों के पीछे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी व राहुल गांधी की भूमिका स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। उक्त बातें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आम्बेकर ने महात्मा गांधी की समाधि के निकट राजघाट पर भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन पर बैठे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। श्री आम्बेकर ने कहा कि भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार कांग्रेस नेतृत्व को अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सत्ता का त्याग कर देना चाहिये था, परंतु इन भ्रष्टाचारियों को आश्रय देने वाली यह सरकार देश की प्रभुसत्ता के साथ खिलावाड़ कर रही है। विदित है की भ्रष्टाचार के खिलाफ खिलाफ अभाविप ने पूरे देश में ‘मौन तोड़ो - हल्ला बोलो’, अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत अभाविप ने पूरे देश के सभी प्रमुख केन्द्रों और जिला मुख्यालयों पर एक साथ, एक समय पर 24 घंटे भूख हड़ताल प्रारंभ की है। अभाविप के इस अभियान को देश भर के लाखों छात्रों ने हस्ताक्षर द्वारा अपना समर्थन भी दिया है। अभाविप ने आरोप लगाते हुए कहा- "टू-जी स्पेक्ट्रम घोटाले में 1.76 लाख करोड़ की डकैती व राष्ट्रमण्डल खेलों में मची 78 हजार करोड़ रु. की लूट तथा आदर्श सोसाइटी घोटाला व केन्द्रीय सतर्कता आयोग जैसे महत्वपूर्ण पद पर भ्रष्टाचार की पृष्ठभूमि वाले पी.जे. थॉमस की नियुक्ति, बिना प्रधानमंत्री कार्यालय व मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी व राहुल गांधी के इस त्रिगुट की भूमिका के बिना संभव नहीं है।"
इसी क्रम में अभाविप की दिल्ली इकाई के प्रदेश मंत्री रोहित चहल ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त केन्द्र सरकार के नये-नये किस्से से सोनिया गांधी, राहुल गांधी व मनमोहन सिंह का असली चेहरा बेनकाब हो चुका है। उन्होंने कहा कि अभाविप इस अनशन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति से यह मांग करती है कि इन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुये ठोस कदम उठाये तथा विदेशी बैंकों में जमा काले धन को भारत लाकर विकास कार्यों में लगाये। अनशन पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. पायल माग्गो, राष्ट्रीय मंत्री श्रीरंग कुलकर्णी, प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. योगेन्द्र, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रवीण गर्ग तथा दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष जीतेन्द्र चौधरी, उपाध्यक्ष प्रिया डबास, सचिव नीतू डबास सहित सैकड़ों कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।